सच्चा रक्षा कौन है
👉💐🌹 सच्चा रक्षक कौन है🌹💐👈
👉💐 गुरु ही सच्चा रक्षक है 💐👈
👉बात अतीत की है परंतु संदर्भ वर्तमान का है👈
👉एक गुरु और शिष्य निरंतर चलते हुए बहुत थक गए थे जब शिष्य गहरी नींद में था तब गुरु जाग रहे थे इतने में काला सर्फ सरसराता हुआ शिष्य की ओर आने लगा गुरु ने एक और हटकर उसे मार देना चाहा किंतु सर्फ एकदम निकट आकर मनुष्य वाणी में बोला हे मुन्नी श्रेष्ठ मुझे तुम्हारे इस शिष्य को काटना है
👉अतः रोकिए मत इसे काटने का आखिर कुछ कारण तो होगा गुरु अपने सर्फ से प्रश्न किया कारण यही है
👉 कि पूर्व जन्म में मैं एक बकरा था इसने मुझे निर्दयता पूर्वक तलवार से काट कर मेरा लहू पीया मैंने तड़प तड़प कर प्राण त्याग दिए सपने आक्रोश प्रकट करते हुए कहा गुरु ने मनो ने आत्म लीन होकर दर्शन का शाश्वत रहस्य समझाया बंदू अपनी आत्मा ही अपना शत्रु है अन्य कोई नहीं तू इसे काटेगा यह शरीर को त्याग कर नया शरीर धारण करेगा फिर बैर का बदला लेगा फिर तू भी बैर का भाव लिए हुए मर कर दूसरे जन्म में बैर का बदला लेगा उसके पश्चात यह लेगा इस तरह बैर की परंपरा बढ़ती रहेगी
👉 संत प्रवर आपकी बात सत्य है
👉🌻पर मैं अज्ञानी हूं 🌻👈
👉आप समर्थ पुरुष मैं नहीं क्षमा कीजिए मैं बेर का बदला लेना इसे नहीं छोडूंगा सर्फ ने कहा गुरु ने कहा तो बंधु इसके बदले मुझे काट लो आप जैसे पवित्र पुरुष को काटकर में घोर नरक में नहीं जाना चाहता मैं
👉अपने अपराधी को ही कार्टूगा ईसी का ही खून पियूंगा सर्फ ने आगे का गुरु ने कहा यदि मैं तुम्हें इसी का रक्त निकाल कर पिलाओ तो तुम्हारे प्रति हिंसा संतुष्ट हो जाएगी हां ऐसा कर सकते हैं सर्फ ने अपने गुरु की बात स्वीकार कर ली ज्ञानी गुरु शिष्य की छाती पर चढ़ बैठा और पत्ते का डोगा उसके गले के पास रख कर एक चाकू से गले के पास चीरा लगाया फिर डोंगे में एकत्रित को सर्फ को पिलाने लगा गले पर चाकू लगते शिष्य की नींद उड़ गई पर गुरु सत्ता को देखकर वे आश्वस्त एवं शांत बना रहा छाती पर चढ़कर गले से खून निकाल कर गुरु सर्फ को पिला रहे थे
👉यह सब देखकर वह तत्काल आंखें बंद कर कर चुपचाप सो गया सर्प को जब तृप्ति हो गई तो मैं वापस चला गया गुरु ने उस गांव को बंद करके उस पर बनासदी की पट्टी बांधी गुरु जब छाती पर से नीचे उतरे तब शीशे का जीवन बचा गुरु पर आंख मूंदकर किए गए भरोसे से उसे नया जीवन मिला
👉🌻स्वामी रामानंद जी को जीवित करना"🌻👈
दिल्ली के बादशाह सिकंदर लोधी ने स्वामी रामानंद जी की गर्दन तलवार से काट दी थी। कबीर साहेब जी ने देखा कि रामानंद जी का धड़ कहीं और सिर कहीं पर पड़ा था। तब कबीर साहेब ने मृत शरीर को प्रणाम किया और कहा कि गुरुदेव उठो। दूसरी बार कहते ही सिर अपने आप उठकर धड़ पर लग गया और रामानंद जी जीवित हो गए।
👇👇👇
"सेउ की कटी हुई गर्दन को जोड़ना"
परमात्मा कबीर ने अपने भक्त की कटी हुई गर्दन वापिस जोड़ दी थी।
आओ सेउ जीम लो,यह प्रसाद प्रेम।
सिर कटते हैं चोरों के,साधों के नित्य क्षेम।।
ऐसी-2 बहुत लीलाएँ साहेब कबीर (कविरग्नि) ने की हैं जिनसे यह स्वसिद्ध है कि ये ही पूर्ण परमात्मा हैं। सामवेद संख्या नं. 822 तथा ऋग्वेद मण्डल 10 सूक्त 162 मंत्र 2 में कहा है कि कविर्देव अपने विधिवत् साधक साथी की आयु बढ़ा देता है।
•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••
आध्यात्मिक जानकारी के लिए आप संत रामपाल जी महाराज जी के मंगलमय प्रवचन सुनिए। साधना चैनल पर प्रतिदिन 7:30-8.30 बजे।
संत रामपाल जी महाराज जी इस विश्व में एकमात्र पूर्ण संत हैं। आप सभी से विनम्र निवेदन है अविलंब संत रामपाल जी महाराज जी से नि:शुल्क नाम दीक्षा लें और अपना जीवन सफल बनाएं।
अधिक जानकारी के लिए आप हमारी वेबसाइट पर जाएं 👇👇👇👇👇
आध्यात्मिक ज्ञान की पुस्तक
✓जीने की राह या
✓ज्ञान गंगा
इनमें से कोई सी भी एक पुस्तक नि:शुल्क मंगवाने के लिए अभी आर्डर करें।
नोट: यह पुस्तक 25 से 30 दिन में आपके घर के पते पर पहुंचा दी जाएगी।
निःशुल्क पुस्तक आर्डर करने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
👇👇👇👇👇👇




Comments
Post a Comment